हमारे बारे में

निदेशालय समेकित बाल विकास सेवायें द्वारा राज्य में एक लम्बी यात्रा करते हुए, आंगनवाडी केन्द्र को प्रत्येक ग्राम की महिलाओं एवं बच्चों हेतु प्रथम ग्राम केन्द्र के रूप में स्थापित करने में सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय बाल नीति-1974 के सिद्वान्तों की पालना करते हुए 2 अक्टूबर, 1975 को बांसवाडा की गढी पंचायत समिति से इसकी शुरूआत की गई। वर्तमान में आईसीडीएस, राज्य में 304 परियोजनार्न्तगत संचालित 62,020 आंगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से वृहद संख्या में लाभार्थियों को लाभान्वित कर रहा है।

निदेशालय समेकित बाल विकास सेवायें मुख्य रूप से 0 से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती/धात्री महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिये योजनाओं को संचालित कर रहा है। इसके साथ ही निदेशालय द्वारा निम्न उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सम्बन्धित नीतियों, विधानों, वित्तीय संसाधनों, प्रशिक्षण की आवश्यकताओं, प्रबोधन मूल्यांकन एवं पर्यवेक्षण से सम्बन्धित कार्य सम्पादन किये जाते है:-

1.    0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार सुनिश्चित करना।

2.    बच्चों की उचित मनौवेज्ञानिक, शारीरिक एवं सामाजिक विकास की नींव रखना।

3.    मृत्यु दर, रूग्णता, कुपोषण एवं स्कूल छोडने की संख्या में कमी लाना।

4.    बाल विकास को बढावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के मध्य नीति एवं कार्यान्वयन के माध्यम से प्रभावी समन्वयन सुनिश्चित करना।

5.    पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य एवं पोषण आवश्यकताओं की देखभाल हेतु माता का क्षमतावर्धन करना।

निदेशालय समेकित बाल विकास सेवायें द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के समेकित कार्यक्रमों के संचालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने के साथ ही पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं इन्दिरा गांधी मातृ पोषण योजना का भी संचालन किया जा रहा है।

निदेशालय समेकित बाल विकास सेवायें के अर्न्तगत शीर्ष प्रमुख के रूप में निदेशक के पदस्थापन के साथ-साथ, उनके अनुक्रम में अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक एवं सहायक निदेशक राज्य स्तर पर कार्यरत है। जिला स्तर पर उपनिदेशक द्वारा ब्लॉक स्तर पर पदस्थापित बाल विकास परियोजना अधिकारियों के माध्यम से कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा, सैक्टर स्तर पर पदस्थापित महिला पर्यवेक्षकों के मार्गदर्शन में कार्य सम्पादन किया जा रहा है। महिला पर्यवेक्षक द्वारा आंगनवाडी केन्द्रो के समूहो (सैक्टर) की पर्यवेक्षण प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए, सम्बन्धित बाल विकास परियोजना अधिकारी को रिपोर्ट दी जाती है।

समेकित बाल विकास सेवायें के अर्न्तगत निर्धारित उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निम्न सेवायें प्रदान की जा रही है:-

1.            पूरक पोषाहार

2.            पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा

3.            पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा

4.            टीकाकरण

5.            स्वास्थ्य जांच

6.            रैफरल सेवायें