हमारे बारे में

महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने, उन्हें विकास की मुख्य धारा में समान रूप से जोड़ने, शासन में महिलाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा उनके क्रियान्वयन एवं प्रबोधन के उद्देश्य से महिला अधिकारिता निदेशालय का पृथक से गठन दिनांक 18 जून, 2007 में किया गया। इस प्रकार जो यात्रा महिला कल्याण से प्रारम्भ हुई थी वो महिला विकास से होती हुई अब महिला अधिकारिता तक पहुँच चुकी है। महिलाओं एवं बालिकाओं की स्थिति को ऊपर उठाने हेतु ध्यान दिया जा रहा है। भेदभावमुक्त समतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए हम प्रतिबद्ध है। जहां महिलाऐं सशक्त हों और विकास के सभी निर्णयों की प्रक्रियाओं में उनकी बराबर की भागीदारी हो।

विभाग अपने ढांचे के अधीन महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके संविधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना एवं विभिन्न प्रकार के उत्पीड़नों से बचाने हेतु प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य भी यही है कि जो भी सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक संसाधन समाज के पास है उनके न्यायपूर्ण पुनर्वितरण की प्रक्रिया पर जार दिया जाये ताकि महिलाओं को उनमें बराबर का हक मिल सके।

सरकार के प्रयासों से आज महिलाऐं उच्च शिक्षा यथा चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सेना, औद्योगिक क्षेत्र, पुलिस, कला, नौकरशाही, व्यापार एवं राजनीति के सर्वोच्च पदों पर आसीन होकर नये आयाम स्थापित कर रही है।

इसी क्रम में राज्य में महिलाओं की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने एवं उन्हें विकास की मुख्य धारा में समान रूप से जोड़ने, शासन में महिलाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए विभाग प्रयासरत है।