Website Last Updated on October 18, 2018      
Schemes - Women Empowerment
महिलाओं के प्रशिक्षण एवं रोजगार कार्यक्रम हेतु सहायता (स्टेप)–
भारत सरकार द्वारा वित्तक पोषित इस योजना के अन्तसर्गत अल्पय आयवर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोडने हेतु भारत सरकार द्वारा अनुदान स्वीाकृत किया जाता है। स्व यंसेवी संस्थांओं से नियमानुसार प्राप्त प्रस्तारव एम्पाकवर कमेटी के माध्य म से अभिशंषित कर भारत सरकार को अग्रेषित किये जाते हैं। इस कार्यक्रम के द्वारा महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है।
उद्देश्य
  1. महिलाओं को छोटे व्यवहार्य दलों में संगठित करना तथा प्रशिक्षण और ऋण के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  2. कौशल उत्थान के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
  3. महिला दलों को सक्षम बनाना, ताकि वे पश्य एवं अग्र सम्पर्को के माध्यम से स्वयं रोजगार तथा आयोत्पादक कार्यक्रम चला सके।
  4. महिलाओं के लिए प्रशिक्षण तथा रोजगार की परिस्थितियों में और अधिक सुधार करने के लिए समर्थन सेवाएं उपलब्ध कराना।
कार्यान्वयन करने वाले अभिकरण–
यह स्कीम सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के समकक्ष अधिनियम के तहत पंजीकृत सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, जिला ग्रामीण विकास अभिकरणों, संघों, सहकारी तथा स्वैच्छिक संगठनों, गैर–सरकारी स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से चलाई जाती है। इस स्कीम के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले निकाय, सगठन अथवा अभिकरण ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत होने चाहिए भले ही उनके मुख्यालय शहरी क्षेत्रों में स्थित हो।
लक्ष्य वर्ग/लाभार्थी
इस कार्यक्रम (स्टेप) के तहत शामिल किए जाने वाले लक्ष्य वर्ग में सीमान्त, सम्पति विहीन ग्रामीण तथा शहरी निर्धन महिलाएं शामिल है। इनमें मजदूरी प्राप्त करने वाले श्रमिक, बिना मजदूरी दैनिक कार्मिक, महिला मुखिया वाले परिवार, सीमान्त, श्रमिक, जनजातीय तथा अन्य बेदखल किए गए वर्ग शामिल है। इस परियोजाना के अन्तर्गत अ.जा/अ.ज.जा. परिवारों तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन–यापन करने वाले परिवारों पर विशेष बल दिया जाता है।
सहायता पद्धति
(क) 100 प्रतिशत सहायता
  1. परियोजना कार्मिक तथा प्रशासनिक लागत,
  2. प्रशिक्षण छात्रवृति, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन प्रशिक्षण–सह–उत्पादन केन्द्र तथा प्रशिक्षण के लिए कच्च माल,
  3. सहकारी समितियां बनाने के लिए सदस्यो, उत्पादकों, कार्यकर्ता सहकरी समितियों के फलस्वरूप गठित औपचारिक कानूनी संगठनों को सहायता देना,
  4. समर्थन सेवाएं–आश्रित बच्चों के लिए शिक्षा, सामान्य जागरूकता, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पोषाहार/शिशुगृह सुविधाएं। जहां इन सेवाओं का समेकन उपलब्ध नहीं है उन मामलों में उक्त सेवाएं परियोजना लागत के एक भाग के रूप मे उपलब्ध कराई जाएगी,
  5. विपणन सहायता–विपणन/विक्रय कार्मिक, स्टॉक प्रावधान तथा ग्राहक ऋण, गोदाम, विपणन निकासी, गुणवता नियन्त्रण तथा प्रबन्धन सहायता।
(ख) 50 प्रतिशत सहायता
पृथक वर्कशेड तथा प्रशिक्षण से असम्बद्ध उत्पादन केन्द्रों का निर्माण–इन घटक के लिए कुल लागत का 50 प्रतिशत भाग सरकार द्वारा वहन किए जाएगा तथा शेष 50 प्रतिशत अंश कर्यान्वयन करने वाली एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगां।
(ग) कार्यशील पूंजी/कच्ची सामग्री की आवश्यकता
कार्यशील पूंजी तथा कच्ची सामग्री के लिए चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी, जो परियोजना के पहले वर्ष में 100 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 50 प्रतिशत तथा तीसरे वर्ष में 30 प्रतिशत होगी।
कुल परियोजना लागत के लिए प्रतिशत की दर से वित्ती पोषण की पद्धति निम्नलिखित प्रतिशत तक सीमित होगी:– 1. प्रशासन तथा परियोजना कर्मचारी लागत
2. प्रशिक्षण–लाभार्थियेां एवं परियोजना कार्यकर्ताओं को तकनीकी कौशल प्रशिक्षण तथा अभिविन्यास
आवेदन करने की पद्धति
निर्धारित प्रपत्र में प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से निम्न पते पर भेजा जाये–
उप सचिव (स्टेप)
महिला एवं बाल विकास विभाग,
प्रथम तल, जीवन दीप बिल्डिग,
संसद मार्ग, नई दिल्ली–1,
आवेदन के साथ संलग्न किये जाने वाले दस्तावेज
  1. पंजीयन प्रमाण पत्र की एक प्रति
  2. संगठन का संविधान तथा संगम अनुच्छेद
  3. कार्यकारी समिति के सदस्यों की सूची जिसमें उनके व्यवसाय तथा पृष्ठ–भूमि का विवरण दिया गया हो
  4. खातों को लेखा–परीक्षित विवरण अर्थात, पिछले दो वर्षो के प्राप्ति तथा भुगतान, आय तथा व्यय एवं तुलन पत्र
  5. अद्यतन वार्षिक रिपोर्ट की प्रति
  6. परियोजना क्षेत्र का नक्शा
  7. राज्य सरकार की संस्तुति
महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम हेतु सहायता (स्टेप)
1. आवेदन पत्र तीन प्रतियों में परियोजना क्षेत्र के बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी को प्रस्तुत किया जाए।
2. अधूरे अथवा संलग्नकों के बिना प्राप्त हुए आवेदन–पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगां।
3. आवेदन पत्र का भाग क तथा ख आवेदक संगठन द्वारा भरा जाएगा तथा भाग ग बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी द्वारा तथा भाग घ राज्य सरकार द्वारा भरा जाएगा।