Website Last Updated on September 23, 2017      
समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम – एक परिचय
राष्ट्रीय बाल नीति–1974 के प्रस्तावों के अनुसरण में राज्य के बच्चों एवं महिलाओं विशेष रूप से गर्भवती एवं दूध पिलाती माताओं को बेहतर जीवन की मूलभूत सुविधाए उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम की प्रथम बाल विकास परियोजना बांसवाडा जिले की गढ़ी पंचायत समिति में 2 अक्टूबर,1975 को प्रारम्भ की गई। यह एक केन्द्रीय प्रवर्तित योजना है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी प्रकार का प्रशासनिक व्ययभार भारत सरकार व राज्यन सरकार द्वारा मिलकर वहन किया जाता है। इस कार्यक्रम के उद्देश्य एवं कार्यक्रम के अन्तर्गत दी जाने वाली सेवाओं का विवरण निम्नानुसार है:–
कार्यक्रम के उद्देश्य–
  1. 0–6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना।
  2. बच्चों के उचित मनोवैज्ञानिक, शारीरिक एवं सामाजिक विकास के लिए आधार तैयार करना।
  3. बाल मृत्यु, रूग्णता, कुपोषण तथा बीच में पढाई छोडने वाले बच्चों की दर में कमी लाना।
  4. बाल विकास को प्रोत्साहन देने के लिए सम्बन्धित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना।
  5. पोषाहार–स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा बच्चों के सामान्य स्वास्थ्य और पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु माताओं को प्रशिक्षित करना है।