Website Last Updated on July 19, 2018      
आंगनबाड़ी केन्द्रः
  • ऐसा स्थान जहां महिलाऐं एवं बच्चें अपने घर जैसा वातावरण प्राप्त कर सके। जिसमें स्वास्थ्य, प्रारम्भिक शिक्षा एवं पोषण प्राप्त होता है।
  • ग्राम एवं बस्ती के बीच में ऐसा स्थान जहां बच्चे सुरक्षित एवं बेहिचक होकर खेल सके तथा पोषाहार प्राप्त कर सकें।
  • जहां पर महिलाओं एवं बच्चों को पूरक पोषाहार प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं स्वास्थ्य विषयक सेवायें समेकित रूप से दी जाती है।
  • आंगनबाड़ी गांव या झुग्गी बस्ती में स्थित, किसी घर के आंगन में आईसीडीएस के अन्तर्गत बच्चों और महिलाओं को समेकित बाल विकास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक मुख्य केन्द्र है।
  • आंगनबाड़ी मिलने-जुलने का एक ऐसा स्थान है, जहां महिलाओं/ माताओं के समूह अन्य ग्रामीण स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ अपने विचारों का आदान-प्रदान करते है, जिससे महिला एवं बाल विकास को बढ़ावा मिले।
  • आंगनबाड़ी का संचालन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा किया जाता है और सेवा प्रदान करने में सहायिका मदद करती है।
  • आई.सी.डी.एस. की सेवाओं में जनसमुदाय के बीच किए जाने वाले कार्यो में सहयोग हेतु आशा–सहयोगिनी का चयन कर तीसरी महिला को नियुक्त किया है।
"जननी योजना" आशा-सहयोगिनी - एक नया प्रयास
समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम में 0 से 3 वर्ष के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर पर विशेष ध्यान देने तथा गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव एवं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के प्रति जनसाधारण में चेतना जागृत करने तथा घर पर ही पोषण तथा पोषण सहायक सेवाए तथा परामर्श उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक ऑंगनबाड़ी केन्द्र पर
जननी योजना
अन्तर्गत एक अतिरिक्त महिला सहयोगिनी के समावेश का निर्णय वित्तीय वर्ष 2004-05 में लिया गया था। सहयोगिनियों का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। सहयोगिनियॉं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोगी के रूप में कार्य करती है। इनका मुख्य कार्य आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नहीं आ पाने वाली गर्भवती स्त्रियों, धात्री माताओं व 3 वर्ष कम आयु के बच्चों तक आईसीडीएस सेवाएं पहुंचाना है। सहयोगिनी पोषण एवं स्वास्थ्य दिवस के दिन आंगनबाड़ी केन्द्र की गतिविधियों में सहयोग प्रदान करने के साथ प्रतिदिन घर-घर जाकर परिवार सम्पर्क के माध्यम से लाभान्वितों को आईसीडीएस की सेवाए प्रदान करती है। इनके कार्यो की उपयोगिता को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत आशा का कार्य भी सहयोगिनी को देने का निर्णय कर आशा-सहयोगिनी का नया पदनाम निर्धारित किया है।
आंगनबाडी खोलने के मानदण्ड
शहरी एंव ग्रामीण क्षेत्र की परियोजनाओं में एक आंगनबाडी केन्द्र 400-800 की जनसंख्या पर एक तथा 800-1600 की जनसंख्या पर दुसरा एवं 1600-2000 की आबादी पर तीसरा केन्द्र एवं इसके पश्चाकत 800 के गुणांक में आंगनबाडी केन्द्र खोले जायेगें। जनजाति क्षेत्र परियोजना में 300-800 की जनसंख्या पर आंगनबाडी केन्द्र खोले जा सकते है। रेगिस्तानी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में जिन गांवों की आबादी बिखरी हुई एवं दूर-दूर फैली हुई है, वहां 300 की जनसंख्या पर भी केन्द्र खोला जाता है जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में 150 से 300 तक की आबादी एवं सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में 150 से 400 तक की आबादी पर मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान किया गया है। आंगनबाडी केन्द्र खोलने में अनु. जाति/जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों, आर्थिक- सामाजिक रुप से पिछडे क्षेत्रों एवं शहरी कच्ची बस्तियों को प्राथमिकता दी जाती है। नार्मस से कम आबादी वाले एक से अधिक गॉंवों को जोड़कर क्लस्टर बनाते हुए भी आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जा सकते है।
आंगनबाड़ी केन्द्र का समय एवं अवकाश
आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए 4 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
       गर्मियों में (1 अप्रेल से 30 सितम्बर) - प्रातः 8:00 बजे से 12:00 बजे तक
       सर्दियों में (1 अक्टूबर से 31 मार्च) - प्रातः 10.00 बजे से 2.00 बजे तक
आंगनबाड़ी केन्द्रों का अवकाश- कुल 13 दिवस 2 जिलों के स्थानीय अवकाश सहित
        होली, धुलण्डी, ईदुलजुहां, रक्षाबंधन, रामनवनी, जन्माष्टमी, दशहरा, दीपावली, गोवर्धन, ईदुलफितर एवं क्रिसमस-डे