Website Last Updated on September 24, 2018      
परियोजनाओ का विवरण
समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम का विस्तार
समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम राज्य के सभी 33 जिलों की 249 पंचायत समितियों में क्रियान्वित किया जा रहा है। राज्य की सभी 9,187 ग्राम पंचायतें इस कार्यक्रम से जुड चुकी है राज्य में 11 हजार 386 अनु. जाति/जनजाति बाहुल्य राजस्व ग्राम है। इनमें से 500 से अधिक आबादी के प्राय: सभी अनु. जाति/जनजाति बाहुल्य राजस्व ग्रामों को आई.सी.डी.एस. सेवाओं से जोडा जा चुका है। इससे कम आबादी के ग्रामों/ढाणियों/बस्तियों को भी आई.सी.डी.एस. सेवाओं से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे है। शहरी क्षेत्रों में भी आई.सी.डी.एस. सेवाओं का विस्तार किया गया है। कुल 216 कस्बों में आगनबाड़ी केन्द्र खोल दिये गये है। राज्य के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 304 बाल विकास परियोजनाओं में 54 हजार 915 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा 6 हजार 204 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत है। आई.सी.डी.एस. कार्यक्रम के विस्तार का कार्य वर्ष 1998 में प्रारम्भ किया गया। जब विश्व बैंक परियोजना के अन्तर्गत 66 विकास खण्डों में बाल विकास परियोजनाएँ प्रारम्भ की गई,। जिसके फलस्वरूप सभी विकास खण्डों में बाल विकास परियोजनाएँ प्रारम्भ हो गई, जिससे परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 257 हो गई तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 35 हजार 821 हो गई। 2005–06 में राज्य के लिए प्रथम चरण में 17 नवीन बाल विकास परियोजनाएँ तथा 11 हजार 41 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किये गये। विस्तार के द्वितीय चरण में राज्य के लिए 4 नवीन शहरी बाल विकास परियोजनाओं तथा 1 हजार 510 अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं 2681 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2006–07 में जारी की गई है। इन दोनों स्वीकृतियों को राज्य में प्रवृत किया जा चुका है। राज्य में अब तक स्वीकृत 304 बाल विकास परियोजनाओं में से 228 ग्रामीण क्षेत्र, 36 जनजाति क्षेत्र एवं 40 शहरी क्षेत्र की परियोजनाएँ है।
क्र.सं. विवरण सामान्य आई.सी.डी.एस.
परियोजना आँगनबाड़ी केन्द्र मिनी आँगनबाड़ी केन्द्र
1. ग्रामीण परियोजनाएँ 228 42631 4907
2. शहरी परियोजनाएँ 40 5043 181
3. जनजाति क्षेत्र की परियोजनाएँ 36 7241 1116