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राज्य में महिलाओं एवं बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करने, इनको संविधान में प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण तथा विकास की मुख्य धारा से जोड़ने की दृष्टि से विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित होने वाली महिलाओं के विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं/ कार्यक्रमों में समन्वयन स्थापित करने, भावी योजनाओं के निर्धारण तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से वर्ष 1985 से निरन्तर महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यरत है। राज्य मे महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में समान रूप से जोड़ने के उद्देश्य से बजट भाषण वर्ष 2007–08 पर चर्चा के प्रतिउत्तर में माननीया मुख्यमंत्री महोदया द्वारा महिला अधिकारिता निदेशालय का पृथक से गठन करने की घोषणा की गई। इसकी अनुपालना में दिनांक 18 जून, 2007 को निदेशालय, महिला अधिकारिता का गठन किया गया। महिला अधिकारिता तथा समेकित बाल विकास सेवा दोनों निदेशालयों का कार्य विभाजन तथा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों/ योजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:–
निदेशालय, समेकित बाल विकास सेवाएँ निदेशालय, महिला अधिकारिता
एकीकृत बाल विकास सेवाएँ महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाएँ
केयर, विश्व खाद्य कार्यक्रम, यूनिसेफ आदि संस्थाओं के विशेष कार्यक्रम राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग से संबंधित कार्य
क्रमोन्नत पूरक पोषण कार्यक्रम महिला स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम
अनुप्रयुक्त पोषण कार्यक्रम राज्य की महिला नीति
बाल विकास से संबंधित अन्य कार्य महिला प्रशिक्षण के विभिन्न कार्यक्रम यथा–स्वावलम्ब योजना, स्टेप योजना
  किशोरी शक्ति योजना